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Current Affairs Hindi – January 12 2019

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   राष्ट्रीय समाचार

10 जनवरी, 2019 को कैबिनेट की मंजूरी:
मंत्रिमंडल ने गुजरात के वड़ोदरा में राष्‍ट्रीय रेल और परिवहन संस्‍थान (डीम्‍ड विश्‍वविद्यालय ) के लिए कुलपति पद के सृजन को स्‍वीकृति दी:Cabinet Approval on January 10, 2019i.10 जनवरी 2019 को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की, जिसने भारत के पहले रेल और परिवहन विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान (एनआरटीआई) वडोदरा,गुजरात में कुलपति के पद के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी।
ii.प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत का पहला रेल और परिवहन विश्‍वविद्यालय- राष्‍ट्रीय रेल तथा परिवहन संस्‍थान (एनआरटीआई) के लिए कुलपति पद के सृजन को स्‍वीकृति दे दी है।
iii.कुलपति संस्‍थान के प्रधान कार्यकारी अधिकारी होंगे, संस्‍थान के मामलों की सामान्‍य देखरेख और नियंत्रण का कार्य करेंगे और मानित विश्‍वविद्यालय के रूप में संस्‍थान के अधिकारियों के निर्णयों को लागू करने के लिए मुख्‍य रूप से उत्‍तरदायी होंगे।
iv.एनआरटीआई ने 2 पूरी तरह आवासीय स्‍नातक पाठ्क्रमों-परिवहन टेक्‍नोलॉजी में बीएससी तथा परिवहन प्रबंधन में डीवीए- के लिए 20 राज्‍यों के 103 विद्यार्थियों के साथ पहला बैच प्रारंभ किया।
v.5 सितंबर, 2018 से कक्षाएं प्रारंभ हुईं। तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के पाठ्यक्रम अंतरविषयी और विश्‍व के अग्रणी संस्‍थानों के मानक के अनुरूप हैं। पाठ्यक्रम पाउंडेशन, कोर तथा एलेक्टिव हैं। एनआरटीआई का उद्देश्‍य संयुक्‍त शोध तथा फैकल्‍टी और विद्यार्थी आदान-प्रदान के क्षेत्र में अग्रणी अंतररार्ष्‍टीय संस्‍थानों के साथ सहयोग करना है।
रेल मंत्रालय:
♦ मंत्री: पीयूष गोयल
♦ राज्य मंत्री: मनोज सिन्हा, राजेन गोहेन
♦ अध्यक्ष रेलवे बोर्ड: विनोद कुमार यादव
♦ मुख्यालय: रेल भवन, नई दिल्ली
गुजरात:
♦ मुख्यमंत्री: विजय रूपानी
♦ राज्यपाल: ओम प्रकाश कोहली
♦ राजधानी: गांधीनगर

कैबिनेट ने 3 नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दी:
i.10 जनवरी 2019 को, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसवाई) के तहत तीन और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) की स्थापना के लिए अपनी मंजूरी दे दी।
ii.तीन नए एम्स की स्थापना की लागत के साथ निर्माण की जगह हैं:

स्थान
लागत (रु में)
विजयनगर, सांबा, जम्मू1661 करोड़
अवंतिपुरा पुलवामा, कश्मीर1828 करोड़
राजकोट,गुजरात1195 करोड़

iii.इसके अलावा कैबिनेट ने 2,25,000/-(निर्धारित) प्लस नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) के मूल वेतन में उपरोक्त तीनों एम्स में से प्रत्येक के लिए निदेशक के एक पद के सृजन को भी मंजूरी दी है।
iv.नए संस्थानों की स्थापना में अस्पताल का निर्माण, चिकित्सा और नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षण ब्लॉक, आवासीय परिसर और संबद्ध सुविधाएं और सेवाएं शामिल हैं।
v.नव स्थापित एम्स में से प्रत्येक में 100 स्नातक (एमबीबीएस) सीटें और 60 बी.एससी (नर्सिंग) सीटें होंगी और प्रत्येक में 750 अस्पताल बेड के अलावा 15-20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे, जिसमें आपातकालीन, आघात बेड, आयुष बेड, निजी बेड और आईसीयू स्पेशलिटी और सुपर स्पेशलिटी बेड शामिल होंगे।
vi.इस प्रकार नए एम्स प्रति दिन लगभग 1500 ओंपीडी रोगियों और प्रति माह लगभग 1000 आईपीडी रोगियों के इलाज करेंगे।
परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में गुणवत्ता तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग शिक्षा और अनुसंधान प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में नए एम्स की स्थापना करना है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के बारे में:
i.यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसका उद्देश्य सामान्य रूप से देश के विभिन्न हिस्सों में सस्ती तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता में असंतुलन को कम करना है, और विशेष रूप से कम सेवा वाले राज्यों में गुणवत्ता चिकित्सा शिक्षा के लिए सुविधाओं में वृद्धि करना है।
ii.यह योजना 2003 में घोषित की गई थी और मार्च 2006 में शुरू की गई थी।
♦ पीएमएसएसवाई के दो घटक हैं:
i.एम्स की तरह संस्थानों की स्थापना
ii.सरकारी मेडिकल कॉलेज संस्थानों का उन्नयन।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के बारे में:
♦ मंत्री: जगत प्रकाश नड्डा
♦ राज्य मंत्री: अनुप्रिया पटेल, अश्विनी कुमार चौबे

10 जनवरी, 2019 को विदेश मामलों पर कैबिनेट की मंजूरी:Cabinet Approval on Foreign Affairs on January 10, 201910 जनवरी 2019 को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) और कुछ अन्य समझौतों को विदेशों के साथ मंजूरी दी है।
भारत और डेनमार्क के बीच समुद्रीय मुद्दों के बारे में समझौता ज्ञापन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी:
i.प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और डेनमार्क में समुद्रीय मुद्दों के बारे में समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी है।
ii.समझौता ज्ञापन पर डेनमार्क के डब्‍ल्‍यूआईपी की जनवरी 2019 में होने वाली भारत यात्रा के दौरान हस्‍ताक्षर करने का प्रस्‍ताव किया गया है।
iii.इस समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर से दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों का पता लगाने का मार्ग प्रशस्‍त होगा:भारत और डेनमार्क के समुद्रीय क्षेत्रों के मध्‍य सीमा पार सहयोग और निवेशों में मदद करना,यह दोनों देशों को गुणवत्‍तापूर्ण शिपिंग सुनिश्चित करने के लिए आपसी क्षमताओं को सुधारने के लिए विशेषज्ञों, प्रकाशनों, सूचना, डाटा और सांख्यिकी का आदान-प्रदान करने, हरित समुद्रीय प्रौद्योगिकी एवं शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में सहयोग, भारत के शिपिंग पंजीयक को मान्‍यता प्राप्‍त संगठन (आरओ) का दर्जा प्रदान करने तथा समुद्रीय प्रशिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने में समर्थ बनाएगा,मर्चेंट शिपिंग और समुद्रीय परिवहन संबंधित मामलों के क्षेत्र में सतत सहयोग के लिए अनुसंधान और विकास।
डेनमार्क:
♦ राजधानी: कोपेनहेगन
♦ मुद्रा: डेनिश क्रोन
♦ प्रधानमंत्री: लार्स लोके रस्मुसेन

कैबिनेट ने ‘उन्‍नत मॉडल एकल खिड़की’के विकास पर भारत और जापान के बीच सहमति पत्र (एमओयू) को स्‍वीकृति‍ दी:
i.10 जनवरी 2019 को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘उन्‍नत मॉडल एकल खिड़की’ के विकास पर भारत और जापान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य निवेश को सुविधाजनक बनाना और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना है।
ii.प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने ‘उन्‍नत मॉडल एकल खिड़की’के विकास पर भारत और जापान के बीच सहमति पत्र (एमओयू) को स्‍वीकृति‍ दी है।
iii.इस एमओयू से कारोबार से जुड़े कार्यों हेतु आवश्‍यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए‘उन्‍नत मॉडल एकल खिड़की’के विकास और भारत में केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकारों में इस पर अमल के लिए भारत और जापान के बीच सहयोग सुनिश्चित होगा।
iv.इसके साथ ही एक ऐसे ढांचे के विकास के लिए भी भारत और जापान के बीच सहयोग संभव होगा जिसमें ये प्रक्रियाएं त्‍वरित ढंग से पूरी होंगी, ताकि देश में ‘कारोबार में सुगमता’को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाई जा सके।
v.‘उन्‍नत मॉडल एकल खिड़की’ भारत में और इससे बाहर अपनाए जा रहे सर्वोत्तम तौर-तरीकों या प्रथाओं पर आधारित है।
जापान:
♦ राजधानी टोक्यो
♦ मुद्रा: जापानी येन
♦ प्रधानमंत्री: शिंजो आबे

कैबिनेट ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी द्विपक्षीय सहयोग पर भारत और फ्रांस के बीच सहम‍ति पत्र (एमओयू) को मंजूरी दी:
i.प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) नेनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी द्विपक्षीय सहयोग पर भारत और फ्रांस के बीच सहम‍ति पत्र (एमओयू) को मंजूरी दे दी है।
ii.इस एमओयू पर 3 अक्‍टूबर, 2018 को हस्‍ताक्षर किए गए थे।
iii.भारत और फ्रांस का लक्ष्‍य आपसी लाभ, समानता और पारस्‍पारिकता के आधार पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर तकनीकी द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सहकारी संस्‍थागत संबंध सुनिश्चित करने का ठोस आधार स्‍थापित करना है।
iv.अनुसंधान से जुड़े संयुक्‍त कार्यदल, प्रायोगिक आधार (पायलट) पर चलाई जाने वाली परियोजनाएं, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, अध्‍ययन भ्रमण (स्‍टडी टूर), केस स्‍टडी और अनुभव/विशेषज्ञता को साझा करने के कार्य तकनीकी सहयोग के दायरे में आएंगे।
फ्रांस:
♦ राजधानी: पेरिस
♦ मुद्रा: यूरो, सीएफपी फ्रैंक
♦ राष्ट्रपति: इमैनुएल मैक्रॉन

कैबिनेट ने स्‍वाजीलैंड को कर संबंधी सहायता देने के लिए विचारार्थ विषय (टीओआर) पर हस्‍ताक्षर किए जाने को मंजूरी दी:
i.प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और स्‍वाजीलैंड (इसका नया नाम ‘इस्‍वातिनी’ है) के बीच ‘सीमा विहीन कर निरीक्षक कार्यक्रम’ के तहत स्‍वाजीलैंड को कर संबंधी सहायता देने के लिए नामित भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से संबंधि‍त विचारार्थ विषय (टीओआर) पर हस्‍ताक्षर किए जाने को मंजूरी दी है।
ii.‘सीमा विहीन कर निरीक्षक (टीआईडब्‍ल्‍यूबी) कार्यक्रम’ के तहत भारत सरकार और ईस्‍वातिनी साम्राज्‍य की सरकार द्वारा एक भारतीय विशेषज्ञ को पारस्परिक रूप से चयनित किया गया है।
iii.विचारार्थ विषय से टीआईडब्‍ल्‍यूबी कार्यक्रम के तहत इस्‍वातिनी को कर संबंधी सहायता देने के लिए नामित भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से जुड़ी शर्तों को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
iv.टीआईडब्‍ल्‍यूबी कार्यक्रम के तहत भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से विकासशील देशों में कर संबंधी मामलों में क्षमता निर्माण करने में भारत द्वारा सहयोग दिये जाने को काफी बढ़ावा मिलेगा।
सीमा विहीन कर निरीक्षक (टीआईडब्‍ल्‍यूबी) कार्यक्रम के बारे में:
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) द्वारा संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया है ताकि विकासशील देशों को ऑडिट क्षमता के निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय कर प्रशासन को मजबूत करने और अन्य देशों के साथ इस ज्ञान को साझा करने में मदद मिल सके।
स्वाज़ीलैंड (दक्षिणी):
♦ राजधानी: मीराबेन (प्रशासनिक राजधानी), लोबाम्बा (विधायी और शाही राजधानी)
♦ महाद्वीप: अफ्रीका
♦ मुद्राओं: दक्षिण अफ्रीकी रैंड, सुबह स्वाजीलैंड
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी):
♦ प्रशासक: अचिम स्टेनर
♦ मुख्यालय: न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी):
♦ महासचिव: एंजेल गुरिया
♦ मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस
♦ सदस्यता: 36 देश

मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय विनिमय व्यवस्था को मंजूरी दी:
i.प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय विनिमय व्यवस्था (बीसीए) के लिए समझौता करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी है।
ii.भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) को बैंक ऑफ जापान और भारतीय रिज़र्व बैंक के मध्य 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर की अधिकतम राशि के लिए द्विपक्षीय विनिमय व्यवस्था के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने हेतु अधिकृत किया गया है।
iii.यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच जापान के यमनाशी में शिखर बैठक के दौरान पिछले साल अक्टूबर में संपन्न हुआ था।
iv.विदेशी मुद्रा में अल्पकालिक कमी को पूरा करने के लिए भुगतान संतुलन के एक उचित स्तर को बनाए रखने के अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की विनिमय दर में अस्थिरता और पूंजी बाजार के प्रबंधन की क्षमता को बढ़ाने के लिए इस व्यवस्था से बहुत उम्मीद है।
v.यह सुविधा भारत को उपलब्ध पूंजी के लिए टैप पर विदेशी पूंजी के दोहन में भारतीय कंपनियों की संभावनाओं में सुधार के लिए टैप पर उपलब्ध होने में सक्षम बनाएगी क्योंकि देश की विनिमय दर की स्थिरता में अधिक विश्वास होगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई):
♦ राज्यपाल: शक्तिकांत दास
♦ मुख्यालय: मुंबई

केन्‍द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली की अध्‍यक्षता में आयोजित जीएसटी परिषद की 32वीं बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए:i.केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली की अध्‍यक्षता में आज नई दिल्‍ली में आयोजित जीएसटी परिषद की 32वीं बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई (छोटे व्‍यापारियों सहित) को राहत देने के लिए निम्‍नलि‍खित महत्‍वपूर्ण निर्णय लिए गए:
-वर्तमान कंपोजीशन स्‍कीम के लिए टर्नओवर सीमा में वृद्धि – वस्‍तुओं से जुड़ी कंपोजीशन स्‍कीम से लाभ उठाने के लिए पूर्ववर्ती वित्त वर्ष में वास्‍तविक टर्नओवर (कारोबार) की सीमा बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये की जाएगी। विशेष श्रेणी वाले राज्‍य अपने यहां कंपोजीशन सीमा के बारे में एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेंगे।
-अनुपालन का सरलीकरण : कंपोजीशन स्‍कीम के तहत अनुपालन को सरल बनाया जाएगा। अब से उन्‍हें एक वार्षिक रिटर्न ही दाखिल करने की जरूरत होगी, लेकिन करों का भुगतान आगे भी तिमाही आधार पर ही होगा (एक सरल घोषणा के साथ)।
-वस्‍तुओं के आपूर्तिकर्ताओं के लिए प्रारंभिक उच्‍च छूट सीमा:वस्‍तुओं के आपूर्तिकर्ताओं के लिए जीएसटी के पंजीकरण और भुगतान से छूट के लिए 40 लाख रुपये और 20 लाख रुपये की दो आरंभिक सीमाएं होंगी।
-राज्‍यों के पास एक सप्‍ताह के भीतर इनमें से किसी एक सीमा के बारे में निर्णय लेने का विकल्‍प होगा। सेवा प्रदाताओं के लिए पंजीकरण हेतु आरंभिक सीमा आगे भी 20 लाख रुपये ही बनी रहेगी और विशेष श्रेणी वाले राज्‍यों के मामले में यह आरंभिक सीमा 10 लाख रुपये रहेगी।
-सेवाओं के लिए कंपोजीशन स्‍कीम:6 प्रतिशत की टैक्‍स दर (3 प्रतिशत सीजीएसटी + 3 प्रतिशत एसजीएसटी) के साथ सेवाओं के उन आपूर्तिकर्ताओं (अथवा मिश्रित आपूर्तिकर्ता) के लिए एक कंपोजीशन स्‍कीम उपलब्‍ध कराई जाएगी जिनका वार्षिक कारोबार (टर्नओवर) पूर्ववर्ती वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये तक होगा।
-यह योजना ऐसे सेवा प्रदाताओं और वस्‍तुओं एवं सेवाओं के ऐसे आपूर्तिकर्ताओं के लिए मान्‍य होगी जो वर्तमान में उपलब्‍ध वस्‍तुओं से जुड़ी कंपोजीशन स्‍कीम के लिए पात्र नहीं हैं।
-इन्‍हें करों के तिमाही भुगतान के साथ एक वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा (एक सरल घोषणा के साथ),प्रभावी तिथि : उपर्युक्‍त क्रम संख्‍या 1 से लेकर 3 तक से जुड़े निर्णय 1 अप्रैल, 2019 से लागू हो जाएंगे,छोटे करदाताओं को जीएसटीएन द्वारा नि:शुल्‍क एकाउंटिंग एवं बिलिंग सॉफ्टवेयर उपलब्‍ध कराया जाएगा।
निम्‍नलिखित मुद्दों को मंत्री समूह के सुपुर्द किया गया है :
-अचल संपत्ति (रियल एस्‍टेट) सेक्‍टर के आवासीय खंड (सेगमेंट) को बढ़ावा देने हेतु एक कंपोजीशन स्‍कीम पेश करने के प्रस्‍ताव पर गौर करने के लिए सात सदस्‍यीय मंत्री समूह गठित किया जाएगा।
-लॉटरियों से जुड़ी जीएसटी दरों की संरचना पर गौर करने के लिए एक मंत्री समूह गठित किया जाएगा।
-प्राकृतिक आपदाओं के लिए राजस्‍व जुटाना : जीएसटी परिषद ने केरल राज्‍य के भीतर वस्‍तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर उपकर (सेस) लगाने को मंजूरी दे दी है, जिसकी दर 1 प्रतिशत से ज्‍यादा नहीं होगी और जिसकी अवधि 2 साल से अधिक नहीं होगी।
जीएसटी के बारे में:
♦ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स भारत में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया गया एक अप्रत्यक्ष कर है।
♦ लागू किया गया: 1 जुलाई 2017
♦ वित्त मंत्री: अरुण जेटली।

नई दिल्ली में पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) का शुभारंभ किया गया:National Clean Air Programme (NCAP) launched by Environment ministeri.10 जनवरी, 2019 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत वायु प्रदूषण के कार्यान्वयन से निपटने के लिए एक राष्ट्रव्यापी रणनीति शुरू की।
एनसीएपी के बारे में:
i.यह 2019 के पहले वर्ष के रूप में मध्यावधि, पंचवर्षीय कार्ययोजना होगी।
ii.इसे स्मार्ट शहरों के कार्यक्रम के तहत 102 गैर-प्राप्ति शहरों की सूची में आने वाले 43 स्मार्ट शहरों में लॉन्च किया जाएगा।
iii.केंद्र और राज्य स्तर पर संस्थागत ढांचे में केंद्र में पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में एपेक्स समिति शामिल है और राज्यों में मुख्य सचिव स्तर पर शहरों की कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए गठित किया जाएगा।
iv.इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय कार्य समूहों, राष्ट्रीय स्तर की परियोजना निगरानी इकाई, परियोजना कार्यान्वयन इकाई, राज्य स्तरीय परियोजना निगरानी इकाई, नगर आयुक्त के अंतर्गत शहर स्तर की समीक्षा समिति और जिलों में डीएम स्तर समिति का गठन एनसीएपी के तहत किया जाना है।
v.एनसीएपी के संस्थागतकरण के लिए जिम्मेदार संबंधित मंत्रालय/संस्थान निम्नलिखित हैं:
-सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय,निति आयोग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विशेषज्ञ उद्योग, शिक्षा और नागरिक समाज।
एनसीएपी के लक्ष्य और मुख्य विशेषताओं के बारे में:
i.अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों और राष्ट्रीय अध्ययनों से प्राप्त सुझावों के अनुसार राष्ट्रीय लक्ष्य और एनसीएपी की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
-राष्‍ट्रीय अध्‍ययनों को ध्‍यान में रखते हुए 2017 को आधार वर्ष मानकर एनसीएपी के तहत वर्ष 2024 तक हवा में पीएम 2.5 और पीएम10 के स्‍तर में 20 से 30 फीसदी कमी लाने का राष्‍ट्रीय लक्ष्‍य रखा गया है।
-2011-15 की ‘परिवेशी वायु गुणवत्ता भारत’ रिपोर्ट और 2014-2018 की डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट के संबंध में पहचाने गए 102 गैर-प्राप्ति शहरों का चयन करना।
-ग्रामीण निगरानी स्टेशनों सहित देश में निगरानी स्टेशनों को बढ़ाया जाएगा,प्रौद्योगिकी का समर्थन, जागरूकता पर जोर और क्षमता निर्माण की पहल प्रदान की जाएगी,निगरानी के स्रोत उपकरण विकृति अध्ययन के लिए प्रमाणन एजेंसियों की स्थापना, प्रवर्तन पर जोर, विशिष्ट क्षेत्रीय हस्तक्षेप आदि को बढ़ावा दिया जाएगा।
एनसीएपी के कार्यान्वयन के लिए चुने गए 102 शहर:
i.कार्यान्वयन से संबंधित राज्य संख्या में 23 हैं और निम्नलिखित प्रति राज्य के कार्यक्रम के तहत आवंटित जिलों की संख्या के बढ़ते क्रम में संबंधित जिलों का विवरण दिखाता है:

आवंटित जिलों की संख्या (आरोही क्रम में)राज्य
1(न्यूनतम)चंडीगढ़, दिल्ली, झारखंड, मेघालय, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल
2उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, नागालैंड, गुजरात
3बिहार, तेलंगाना, छत्तीसगढ़,
4कर्नाटक
5आंध्र प्रदेश, असम, राजस्थान
6मध्य प्रदेश, उड़ीसा,
7हिमाचल प्रदेश
9पंजाब
15उत्तर प्रदेश
17(उच्चतम)महाराष्ट्र

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी):
♦ मुख्यालय: नई दिल्ली।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय:
♦ केंद्रीय मंत्री: डा. हर्षवधर्न
♦ राज्य मंत्री: डॉ महेश शर्मा

लोकसभा ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 पारित किया:
i.8 जनवरी 2019 को बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम समुदायों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की मांग करने वाले नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को लोकसभा में पारित किया गया।
ii.प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, उत्पीड़ित प्रवासी जिला प्राधिकरण और राज्य सरकार की उचित जांच और सिफारिश के बाद नागरिकता के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
iii.केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिनियम असम राज्य तक ही सीमित नहीं है। वर्तमान सरकार ने असम समझौते को लागू करने के लिए कई उपाय किए हैं।
iv.सरकार ने विधेयक के लिए कैबिनेट की मंजूरी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है, जिसे संसद के वर्तमान सत्र में पेश किया गया था।

6 राज्यों द्वारा रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये गये:Agreement for Renukaji Multipurpose Dam Project signed by 6 statesi.11 जनवरी, 2019 को नई दिल्ली में 6 राज्यों, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड ने केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
ii.हाइब्रिड वार्षिकी मोड और वन सिटी वन ऑपरेटर कॉन्सेप्ट के तहत प्रयागराज शहर के लिए नमामि गंगे परियोजनाओं के लिए यूपी जल निगम, एनएमसीजी और प्रयागराज वाटर प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
रेणुकाजी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के तहत:
i.3 भंडारण परियोजनाएं यमुना नदी और इसकी दो सहायक नदियों – टोंस और गिरि पर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों और ऊपरी यमुना बेसिन के हिमाचल प्रदेश में बनाने का प्रस्ताव है। इसमें निम्नलिखित शामिल है:
-उत्तराखंड में यमुना नदी पर लखवार परियोजना,
-उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में टोंस नदी पर किशु और
-हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर रेणुकाजी।
ii.2008 से राष्ट्रीय परियोजनाओं के रूप में देखा गया, सिंचाई और पीने के पानी के घटक की लागत का 90% धन सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। भारत की केंद्रीय सहायता के रूप में और शेष 10% लाभार्थी राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा।
iii.हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) द्वारा इस परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा और ज्यादा बहाव के दौरान 40 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी।
iv.यह परियोजना दिल्ली की पीने की पानी की जरूरतों को पूरा करेगी और रेणुकाजी बांध के संग्रहीत पानी का उपयोग निम्नलिखित द्वारा किया जाएगा:
-हाथिकुंड बैराज से दिल्ली, यूपी, हरियाणा और
-एनसीटी वजीराबाद बैराज से दिल्ली एनसीटी द्वारा और
-ओखला बैराज से यूपी, हरियाणा और राजस्थान।
v.2015 के स्तर पर परियोजना की अनुमानित लागत 4596.76 करोड़ रुपये है जबकि सिंचाई/पेयजल घटक की लागत 4325.43 करोड़ रुपये है। ऊर्जा घटक की लागत 277.33 करोड़ रुपये है। सिंचाई/पेयजल घटक की 90 प्रतिशत लागत अर्थात् 3892.83 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार के द्वारा वहन की जाएगी। शेष 432.54 करोड़ रुपये की राशि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली राज्य वहन करेंगे।
♦ केंद्रीय मंत्री: श्री नितिन गडकरी
♦ राज्य मंत्री: श्री अर्जुन राम मेघवाल, श्री सत्य पाल सिंह

एनआईसी कमान और नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी और कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया:Ravi Shankar Inaugurates NIC Command & Control Centrei.10 जनवरी,2019 को, केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और विधि तथा न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने राष्ट्रीय सूचना केन्द्र (एनआईसी) के कमांड और कंट्रोल सेंटर (सीसीसी) तथा एनआईसी के कृत्रिम आसूचना में उत्कृष्ट केन्द्र का उद्घाटन किया।
एनआईसी:
i.एनआईसी सरकार को डाटा केन्द्र और क्लाउड सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। वर्तमान में इसके पूरे देश में 4 राष्ट्रीय केन्द्र और 30 लघु डाटा केन्द्र स्थित हैं, जो 10,000 से अधिक ई-गवर्नेंस ऐप संचालित कर रहे हैं।
ii.इन स्थलों पर सरकार की अधिकांश प्रमुख ऐप अवस्थित हैं और इन महत्वपूर्ण ऑनलाईन सेवाओं के स्वरूप और परिमाण में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है।
iii.कार्य निष्पादन और इन सभी महत्वपूर्ण सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी और प्रबंधन के लिए आईसीटी बुनियादी ढांचे के राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण के साथ विशिष्ट सुविधा स्थापित करने की जरूरत अनुभव हुई। इस उद्देश्य से एनआईसी ने कमांड और कंट्रोल सेंटर की स्थापना की। एनआईसी क्लाउड पर संचालित महत्वपूर्ण वेबसाइटों की केन्द्रीकृत निगरानी स्थापित करने की प्रक्रिया में भी है।

श्री उमेश सिन्हा की अध्यक्षता में समिति ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 में संसोधन के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत की:
i.10 जनवरी 2019 को,  उप-चुनाव आयुक्त श्री उमेश सिन्हा की अध्यक्षता में गठित समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत की।
ii.उमेश सिन्हा ने धारा 126 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की अन्य धाराओं, आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और भारत के किसी भी अन्य चुनाव आयोग (ईसीआई) के प्रावधानों में संशोधनों और बदलावों की समीक्षा और सुझाव देने के लिए इस संबंध में निर्देश आयोग को इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
iii.आयोग द्वारा गठित समिति में सूचना और प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अलावा आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
iv.समिति ने धारा 126 के प्रावधानों के मद्देनजर मतदान के समापन से 48 घंटे पहले और इसके निहितार्थ के निरोधात्मक अवधि के दौरान नए मीडिया प्लेटफार्मों और सोशल मीडिया के प्रभाव का अध्ययन किया था।
v.समिति ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 और अन्य संबंधित धाराओं के वर्तमान प्रावधानों का अध्ययन और परीक्षण किया था और अधिनियम के उक्त प्रावधानों के उल्लंघन को नियंत्रित करने के लिए कठिनाइयों/महत्वपूर्ण अंतराल की पहचान की।
v.समिति ने देश में संचार प्रौद्योगिकी या मीडिया मंच के प्रकार, श्रेणी या वृद्धि और बहु-चरण चुनाव के दौरान इन मीडिया प्लेटफार्मों को विनियमित करने में कठिनाइयों की जांच की।
vi.समिति ने उपरोक्त मुद्दों से संबंधित आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के वर्तमान प्रावधानों की जांच की और इस संबंध में संशोधन का सुझाव दिया।
vii.समिति द्वारा की गई सिफारिशें, जब लागू की जाती हैं, तो गतिविधियों के संभावित हस्तक्षेप को कम करने में मदद मिलेगी जो कि उन्हें प्रदान की गई 48 घंटे की मूल्यवान मौन अवधि के दौरान मतदाताओं को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने के उद्देश्य से है।
भारत के चुनाव आयोग के बारे में:
♦ 23 वें मुख्य चुनाव आयुक्त: सुनील अरोड़ा
♦ मुख्यालय: नई दिल्ली

प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करने में सुधार के सुझाव के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने पैनल का गठन किया:
i.10 जनवरी, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय ने एसएससी परीक्षा में उत्पन्न होने वाले संघर्षों के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति में तकनीकी दिग्गज इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी और प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक विजय पी भटकर शामिल हैं।
ध्यान दिए जाने वाले बिंदु:
i.यह समिति सरकारी निकायों को ट्रेफ़ॉर्म प्रदान करेगी, जो एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित करते हैं, क्योंकि प्रश्नपत्र लीक के कई मामले हैं।
ii.यह समिति एसएससी 2017 के परिणाम प्रकाशन में संघर्ष के बाद स्थापित की गई थी, हालांकि पेपर लीक के कारण की पहचान करने में कठिनाई के कारण इसे रद्द करने का आदेश दिया गया था। 2017 में अदालत ने सुनवाई को लागू कर दिया है।
iii.याचिकाकर्ता शांतनु कुमार, जिन्होंने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी, ने कहा था कि निजी कंपनी सिफी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, जिसने एसएससी परीक्षा आयोजित की थी, के अनुबंध को अब बंद कर दिया गया है।
iv.एसएससी एक सरकारी निकाय है जो विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई स्तरों पर कर्मचारियों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करता है।

चीन-भारत डिजिटल सहयोग प्‍लाजा का शुभारंभ किया गया:
i.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एकल प्‍लेटफॉर्म पर भारतीय आईटी कंपनियों और चीन के उद्यमों को एक-दूसरे के और करीब लाने वाली पहल चीन-भारत डिजिटल सहयोग प्‍लाजा (सिडकॉप) का शुभारंभ 10 जनवरी, 2019 को किया गया।
ii.यह गुइयांग और डालियान की नगरपालिका सरकारों के साथ नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैस्‍कॉम) की एक साझेदारी है। एक भारतीय और एक चीनी कंपनी के संयुक्‍त उद्यम को इस प्‍लेटफॉर्म के संचालन की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है।
iii.भारत के आईटी उद्यम जटिल कारोबारी माहौल में विभिन्‍न आईटी टूल्‍स का उपयोग करके कारोबार में बदलाव लाने और परिचालन को अनुकूल बनाने में अपनी विशेषज्ञता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। भारतीय आईटी उद्यमों के ऐसे अंतर्राष्‍ट्रीय ग्राहकों की लम्‍बी एवं प्रतिष्ठित सूची है, जिनके कारोबार में बदलाव लाने और बदलते समय के साथ उनके वैश्वीकरण में उन्‍होंने काफी मदद की है।
iv.सिडकॉप, जो एक सीमा विहीन मार्केटप्‍लेस है, चीन के उद्यमों को यह अवसर उपलब्‍ध करा रहा है, ताकि उनके परिचालन को अनुकूल बनाने और कारोबार से जुड़े समाधानों (सॉल्‍यूशन) में सर्वोत्‍तम औद्योगिक तौर-तरीकों या प्रथाओं को अपनाने में उनकी मदद की जा सके।
नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज) के बारे में:
♦ अध्यक्ष: ऋषद प्रेमजी
♦ मुख्यालय: नोएडा, उत्तर प्रदेश
♦ स्थापित: 1988

व्यापार विकास और संवर्धन परिषद की चौथी बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई:Council for Trade Development and Promotion (CTDP) held in New Delhii.10 जनवरी, 2019 को, केंद्रीय व्यापार और उद्योग और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में व्यापार विकास और संवर्धन परिषद (सीटीडीपी) की चौथी बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई।
ii.इस बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पंजाब, नागालैंड, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित 10 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
iii.इस बैठक का उद्देश्य सेवाओं, जैविक कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देकर वैश्विक मूल्य और आपूर्ति श्रृंखला का दोहन करना हैं।
iv.बैठक में निम्नलिखित पर चर्चा/घोषणा की गई:
-श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत सरकार ने पहली बार कृषि निर्यात नीति तैयार की है और भारत के कृषि निर्यात का लक्ष्य 2022 तक 60 बिलियन डॉलर निर्धारित किया है।
-भारतीय किसान और भारत के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ जाएंगे और विश्व कृषि निर्यात में भारत का हिस्सा दोगुना हो जाएगा।
-वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय विश्व बैंक के सहयोग से राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में वार्षिक सुधार कार्यक्रम का आयोजन करता है।
-इस कार्यक्रम को अब राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के सहयोग से जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
-श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि केन्द्र सरकार प्रत्येक जिले के लिए एक विकास योजना तैयार कर रही है। 2025 तक भारत की जीडीपी को 5 ट्रिलियन डॉलर ले जाने में यह योजना बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
-उन्होंने राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के आग्रह किया कि वे 12 चैंपियन सेवा क्षेत्र के लिए आवंटित पांच हजार करोड़ की धनराशि का उपयोग करें।
-इससे सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं, पर्यटन, चिकित्सा के लिए यात्रा, परिवहन, अंकेक्षण और वित्तीय सेवाओं, ऑडियो-वीडियों सेवाओं, कानूनी सेवाओं, संचार सेवाओं, शिक्षा सेवाओं, पर्यावरण सेवाओं, विनिर्माण सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
व्यापार विकास और संवर्धन परिषद के बारे में:
♦ व्यापार विकास और संवर्धन परिषद (सीटीडीपी) राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को उनकी उम्मीदों को स्पष्ट करने के लिए एक मंच प्रदान करता है और सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को अपने क्षेत्रों में उपयुक्त बुनियादी ढांचा तैयार करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करता है जो उनके निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मकता विकसित करने में मदद करेगा।
♦ 2015 में गठित किया गया।
♦ अध्यक्ष: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री।
♦ सदस्य: राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य मंत्रियों के प्रभारी मंत्री।
♦ केंद्र सरकार के 14 सचिवों के अलावा, वाणिज्य, राजस्व, नौवहन, नागरिक उड्डयन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और आर्थिक मामले भी इसके सदस्य हैं।

श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने रांची में आयोजित वैश्विक कौशल शिखर सम्‍मेलन में भाग लिया:Global Skill Summit 2019 held in Ranchii.10 जनवरी, 2019 को झारखंड के रांची में एक दिवसीय वैश्विक कौशल शिखर सम्मेलन 2019 आयोजित किया गया। यह एकमात्र राज्य है जहां राज्य सरकार द्वारा केवल चार वर्षों में कुल तीन वैश्विक शिखर सम्मेलन आयोजित किए गए।
ii.इस शिखर सम्मेलन का विषय था: ‘कुशल युवा, सक्षम युवा ’।
iii.इसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने भाग लिया।
iv.झारखंड की राज्यपाल श्रीमती द्रोपदी मुर्मू मुख्य अतिथि थीं।
v.इस अवसर पर झारखंड के कुल मिलाकर 1,06,619 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगारों के लिए सांकेतिक प्रस्‍ताव-पत्र (ऑफर लेटर) दिए गए। इसके साथ ही यह आंकड़ा 1,00,000 युवाओं को रोजगार देने के लक्ष्‍य को पार कर गया।
vi.इस प्रकार, झारखंड निजी क्षेत्र में एक लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देने का उपलब्धि हासिल करने वाला पहला राज्य बन गया।
vii.इस शिखर सम्‍मेलन में 17 देशों के अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिनिधिगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
झारखंड:
♦ राजधानी:रांची
♦ मुख्यमंत्री: रघुवर दास
♦ राज्यपाल: द्रौपदी मुर्मू
♦ राष्ट्रीय उद्यान: बेल्टा  राष्ट्रीय उद्यान

यूनिवर्सल बेसिक इनकम को रोल आउट करने वाला सिक्किम पहला राज्य बन जाएगा:Sikkim will become first state to roll out Universal Basic Incomei.11 जनवरी, 2019 को, सिक्किम, ने एक छोटा राज्य होने के नाते, पूरे देश में यूबीआई शुरू करने की पहल की है।
ii.सिक्किम के लंबे समय तक मुख्यमंत्री और सिक्कीम के सत्तारूढ़ दल (सिक्कम लोकतांत्रिक मोर्चे) के प्रमुख पवन कुमार ने कहा कि यदि सब कुछ सही हो जाता है तो सिक्किम पहला राज्य होगा जिसने यूनिवर्सल बेसिक इनकम सिस्टम लागू किया और 2022 तक इसे क्रियान्वित किया जाएगा।
यूनिवर्सल बेसिक इनकम के बारे में:
i.यूबीआई मूल रूप से परिवारों के लिए दी गई आय है,इसका मतलब है कि हर व्यक्ति और हर घर को अपने पेशे के बावजूद आय प्राप्त होगी।
ii.दूसरे शब्दों में, यह सरकार द्वारा सभी नागरिकों को एक बुनियादी आय प्रदान करके गरीबी दूर करने के लिए उठाया गया कदम है।
iii.भारत में भी इस योजना का परीक्षण किया गया है। गुजरात, मध्य प्रदेश में यूबीआई की कोशिश की गई है और परिणाम काफी अच्छे हैं।

आधिकारिक पोस्टर में पीएम की तस्वीर के उपयोग के कारण पश्चिम बंगाल ने आयुष्मान भारत योजना को छोड़ दिया:
i.10 जनवरी, 2019 को, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र-राज्य संयुक्त योजना के आधिकारिक पोस्टर में पीएम की तस्वीर के उपयोग के कारण आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से पश्चिम बंगाल के बाहर निकलने की घोषणा की।
ii.घोषणा के अनुसार, राज्यों को परियोजना लागत का 40% वहन करना चाहिए, जबकि केंद्र 60% बिल का भुगतान करेगा।
iii.इसके अलावा, केंद्र ने एकतरफा रूप से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए योजना को बदल दिया जबकि राज्य प्रायोजित स्वास्थ्य योजना स्वास्थ-साथी, जिसे 2016 में लॉन्च किया गया, का नाम बरकरार रखने के लिए सहमत प्रयास किए गए।
iv.इस प्रकार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, ओडिशा और दिल्ली के राज्यों की लीग में शामिल हो गया, जिन्होंने विभिन्न कारणों से इस योजना को छोड़ा है।
आयुष्मान भारत के बारे में:
♦ लॉन्च किया गया: अप्रैल 2018।
♦ अन्य नाम: पीएम जन-आरोग्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना।
♦ लक्ष्य: 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का लाभ पहुँचाना।
♦ पहला स्वास्थ्य केंद्र 14 अप्रैल, 2018 को बीजापुर, छत्तीसगढ़ में शुरू किया गया।
♦ सीईओं: डॉ इंदु भूषण।
♦ कार्यान्वयन प्राधिकरण: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए)।

छत्तीसगढ़ सरकार ने मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ली:
i.10 जनवरी 2019 को, छत्तीसगढ़ में सरकार ने राज्य में मामलों की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली। सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को इस निर्णय से अवगत करा दिया है।
ii.सीबीआई इस फैसले के बाद राज्य सरकार की सहमति के बिना कोई भी जांच शुरू नहीं कर सकती।
iii.आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने पहले ही सीबीआई को दी गई आम सहमति वापस ले ली है।
छत्तीसगढ़:
♦ राजधानी: रायपुर
♦ मुख्यमंत्री: भूपेश भागल
♦ राज्यपाल: आनंदीबेन पटेल

कुंभ मेले में प्रयागराज में 29 दिनों तक चलने वाले सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत हुई:
i.10 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक की अगुवाई में 29 दिवसीय सांस्कृतिक असाधारण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
ii.संस्कृती कुंभ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला क्षेत्र के मुख्य परिसर में आध्यात्मिक चेतना और भारत की सांस्कृतिक विरासत के संगम का उत्सव मना रहा है।
iii.यह दुनिया की सबसे पुरानी परंपरा में से एक है जो हमारे देश की विविधता में एकता दिखाती है।
iv.कुंभ मेले का महत्व वैश्विक स्तर पर बढ़ाया गया है क्योंकि यूनेस्को ने 2017 में मानवता के लिए अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में कुंभ मेले को अंकित किया है।
v.इस बार कुंभ का आयोजन प्रयागराज शहर में किया जा रहा है जो उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और रहस्यवादी नदी सरस्वती के संगम पर स्थित है।
उत्तर प्रदेश:
♦ राजधानी: लखनऊ
♦ मुख्यमंत्री: योगी आदित्यनाथ
♦ राज्यपाल: राम नाईक

64 वें राष्ट्रीय संगोष्ठी में कविताओं का आयोजन, ऑल इंडिया रेडियो द्वारा चेन्नई में आयोजित किया गया:
i.10 जनवरी 2019 को, तमिलनाडु के राज्यपाल, बनवारीलाल पुरोहित ने चेन्नई, तमिलनाडु में पहली बार ऑल इंडिया रेडियो द्वारा आयोजित 64 वें राष्ट्रीय संगोष्ठी (सर्वभाषा कवि सम्मेलन) का उद्घाटन किया गया।
ii.भारतीय संविधान की नौवीं अनुसूची में मौजूद सभी 22 भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 23 कवि संगोष्ठी में भाग लेंगे।
iii.लोक सेवा ब्रॉडकास्टर ऑल इंडिया रेडियो द्वारा 25 जनवरी 2019 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।
iv.ऑल इंडिया रेडियो के महानिदेशक श्री फैयाज शेरियर इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
तमिलनाडु:
♦ राजधानी: चेन्नई।
♦ राज्यपाल: बनवारीलाल पुरोहित।
♦ मुख्यमंत्री: एडप्पादी के पलानीस्वामी।
♦ राष्ट्रीय उद्यान (एनपी): मुदुमलाई एनपी, मुकुर्ती एनपी, इंदिरा गांधी एनपी, मन्नार की खाड़ी एनपी, गुइंडी एनपी।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

गौतमला ने एकतरफा रूप से गौतमला में दण्ड मुक्ति के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय आयोग को समाप्त कर दिया:
i.7 जनवरी 2019 को, गौतमला की विदेश मंत्री सैंड्रा जोवेल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को गौतमला में दण्ड मुक्ति के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय आयोग के समझौते को समाप्त करने के सरकार के फैसले के बारे में सूचित किया।
ii.संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गौतमला में दण्ड मुक्ति के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय आयोग को एकतरफा समाप्त करने के लिए गौतमला सरकार के फैसले को ‘दृढ़ता से खारिज’ कर दिया है।
iii.श्री गुटेरेस ने गौतमला में दण्ड मुक्ति के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय आयोग द्वारा किए गए इंपुनिटी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान को याद किया, जिसे सरकार के निमंत्रण पर 2006 में स्थापित किया गया था।
iv.आयोग का जनादेश 3 सितंबर, 2019 को समाप्त होने वाला है और संयुक्त राष्ट्र ने गौतमला की सरकार से ‘अपने कानूनी दायित्वों को पूरी तरह से पूरा करने’ की अपेक्षा की है।
गौतमला:
♦ राजधानी: गौतमला शहर
♦ मुद्रा: गौतमला क्वेटज़ल
♦ राष्ट्रपति: जिमी मोरालेस

इकोनॉमिक इंटेलिजेंट यूनिट लोकतंत्र सूचकांक 2018 के 11 वें संस्करण में भारत 41 वें स्थान पर रहा और नॉर्वे सूचकांक में शीर्ष पर रहा:
i.10 जनवरी, 2019 को इकोनॉमिक इंटेलिजेंट यूनिट द्वारा ईआईयू डेमोक्रेसी इंडेक्स 2018 के 11 वें संस्करण को दुनिया के 167 देशों में लोकतंत्रों की स्थिति को संकलित करते हुए जारी किया गया,इंडेक्स 2006 में शुरू किया गया था।
ii.देशों को 4 वर्गों में वर्गीकृत किया गया था ,वो निम्नलिखित थे:
पूर्ण लोकतंत्र (डार्क ग्रीन) 8-10 स्कोरिंग और 20 देशों से मिलकर,
557 देशों से मिलकर 6-7.99 स्कोर किए,हाइब्रिड रिजीम (मिंट ग्रीन टू लाइट येलो) में 4-5.99 स्कोरिंग है, जिसमें 39 देश शामिल हैं
सत्तावादी शासन (डार्क रेड) 53 देशों से मिलकर 1-3.99 स्कोर।
iii.पांच श्रेणियों में 60 संकेतकों के आधार पर अंकों को विभाजित किया गया:
-चुनावी प्रक्रिया और बहुलवाद;
-नागरिक स्वतंत्रताएं;
-सरकार का कामकाज;
-राजनीतिक भागीदारी; तथा
-राजनीतिक संस्कृति।
iv.तीन साल में पहली बार, लोकतंत्र के लिए वैश्विक स्कोर स्थिर रहा हैं।
v.एक देश, कोस्टा रिका, एक त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र से पूर्ण लोकतंत्र में स्थानांतरित हो गया; स्पेक्ट्रम के दूसरे छोर पर, एक देश निकारागुआ, त्रुटिपूर्ण शासन से सत्तावादी शासन में स्थानांतरित हो गया।
vi.2017 के साथ कुल 42 देशों ने अपने कुल स्कोर में गिरावट का अनुभव किया।
राष्ट्रों की रैंकिंग:
i.167 देशों में से, नॉर्वे चार्ट में सबसे ऊपर है।
ii.इसके बाद यह था: आइसलैंड (2), स्वीडन (3), न्यूजीलैंड (4) और डेनमार्क (5) शीर्ष 5 रैंकिंग पर है।
iii.सूची के नीचले 5 देश हैं:
चाड (163), मध्य अफ्रीकी गणराज्य (164), लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (165), सीरिया (166) और उत्तर कोरिया (67)।
iv.भारत को फ्लेव्ड डेमोक्रेसी ’श्रेणी में 41 रैंक मिली।
उसके पड़ोसियों की रैंक की सूची निम्नलिखित हैं:
-चीन (130),
-पाकिस्तान (112)
-बांग्लादेश (88)
-अफगानिस्तान (143)
-नेपाल (97)
-भूटान (94)
-श्रीलंका (71)
-म्यांमार (118)
vi.क्षेत्रवार, उत्तरी अमेरिका किसी भी क्षेत्र के उच्चतम औसत स्कोर को डेमोक्रेसी इंडेक्स में बनाए रखता है, जो मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में सबसे कम है।
इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंट यूनिट के बारे में:
♦ मुख्यालय: लंदन, यूनाइटेड किंगडम।

बैंकिंग और वित्त

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम 2015 में कुछ बदलाव हुए:Gold Monetisation Scheme 2015 met with a few changesGold Monetisation Scheme 2015 met with a few changesi.9 जनवरी, 2019 को, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (जीएमएस) 2015 में कुछ बदलाव किए।
ii.परिवर्तनों के अनुसार, इसमें योजना के दायरे में धर्मार्थ संस्थान और केंद्र सरकार शामिल थे।
iii.इसके कारण, व्यक्तिगत और संयुक्त जमाकर्ताओं के अलावा, इस योजना का लाभ धर्मार्थ संस्थानों, केंद्र सरकार, राज्य सरकार या केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व वाली किसी अन्य संस्था द्वारा लिया जा सकता है।
iv.इसने दो या दो से अधिक पात्र जमाकर्ताओं की संयुक्त जमा राशि की अनुमति दी, जिस स्थिति में ऐसे मामलों में जमा को संयुक्त जमा खाते में जमा किया जाएगा।
जीएमएस के बारे में:
♦ सरकार द्वारा 2015 में लॉन्च किया गया, जीएमएस का उद्देश्य देश में घरों और संस्थानों द्वारा रखे गए सोने को जुटाना है।
♦ योजना के अनुसार, बैंकों के ग्राहकों को 2.25-2.50 प्रतिशत की सीमा में ब्याज के बदले एक निश्चित अवधि के लिए अपने निष्क्रिय सोने की होल्डिंग जमा करने की अनुमति है।

पुरस्कार और  सम्मान

टाटा स्टील के नीदरलैंड प्लांट को चौथी औद्योगिक क्रांति के मैन्युफैक्चरिंग लाइटहाउस के रूप में मान्यता मिली:
i.10 जनवरी, 2019 को, वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम ने घोषणा की कि नीदरलैंड में आईजेमुइदें में टाटा स्टील प्लांट को ‘मैन्युफैक्चरिंग लाइटहाउस’ के रूप में मान्यता दी गई है – जो विनिर्माण सुविधाओं के लिए सम्मानित किया गया है, जिसे ‘चौथी औद्योगिक क्रांति’ की प्रौद्योगिकियों में नेताओं के रूप में देखा जाता है।
ii.2018 में 1,000 से अधिक कारखानों का आकलन करने के बाद यह घोषणा की गई थी।
iii.टाटा स्टील प्लांट के अलावा, 6 और इकाइयों को सम्मान से सम्मानित किया गया है।
iv.इसने टाटा स्टील को उत्पादन के लिए दुनिया के अग्रणी सीखने के प्लेटफार्मों को बनाने के लिए सिर्फ 16 प्रमुख कारखानों के एक नेटवर्क का हिस्सा बनाया।
v.सम्मान का कारण यह है क्योंकि आईजेमुइदें में टाटा स्टील की साइट उन्नत एनालिटिक्स का अग्रणी उपयोग कर रही है
-कच्चे माल का उपयोग करने के तरीके का अनुकूलन करना,
-स्टीलमेकिंग प्रक्रिया के हर चरण में पैदावार बढ़ाना और
-आगे विभिन्न प्रक्रियाओं और ग्राहकों के लिए उत्पाद की गुणवत्ता के बीच रसद में सुधार करना।
vi.इसके अलावा, नव स्थापित उन्नत एनालिटिक्स अकादमी अपने कर्मचारियों को कचरे में कमी, गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन प्रक्रियाओं की समग्र विश्वसनीयता के समाधान खोजने में सक्षम बनाती है।
‘लाइटहाउस’ के बारे में:
♦ 2017 में विश्व आर्थिक मंच ने ज्ञान के आदान-प्रदान की अनुमति देने और ‘चौथी औद्योगिक क्रांति’ के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अपनी ‘शेपिंग द फ्यूचर ऑफ प्रोडक्शन’ पहल के तहत प्रमुख बुद्धिमान उत्पादन कंपनियों (‘लाइटहाउस’) का एक नेटवर्क स्थापित किया।
विश्व आर्थिक मंच:
♦ मुख्यालय: कोलोन, स्विट्जरलैंड।

आदि गोदरेज को मुंबई में आईसीएसआई के स्वर्ण जयंती समारोह में आईसीएसआई आजीवन पुरस्कार से सम्मानित किया गया:
i.10 जनवरी, 2019 को उद्योगपति और गोदरेज समूह के अध्यक्ष आदि गोदरेज को मुंबई में ‘कॉर्पोरेट गवर्नेंस में उत्कृष्टता’ के लिए आईसीएसआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
ii.द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) द्वारा स्थापित इस पुरस्कार को इसके स्वर्ण जयंती समारोह में दिया गया था।
iii.संस्थान द्वारा दिए गए अन्य पुरस्कार निम्नलिखित प्रकार हैं:
-कॉरपोरेट गवर्नेंस में उत्कृष्टता के लिए 18 वें आईसीएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार संयुक्त रूप से प्राप्त हुए
-सिप्ला लिमिटेड
-डाबर इंडिया लि
-एसीसी लिमिटेड,
-हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड,
-इंडियन ऑयल कॉर्प,
-टाटा मेटालिक्स लिमिटेड और
-भारतीय होटल कंपनी लिमिटेड
iv.तीन सीएसआर एक्सीलेंस अवार्ड् निम्नलिखित को दिए गए:
– उभरती श्रेणी में जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड,
-मध्यम श्रेणी में टाटा पावर कंपनी लिमिटेड और
-बड़ी श्रेणी में अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड।
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के बारे में:
♦ मुख्यालय: नई दिल्ली।
♦ राष्ट्रपति: सीएस मकरंद लेले।

विराट कोहली और रवि शास्त्री को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की मानद सदस्यता प्राप्त हुई:Virat Kohli and Ravi Shastri received honorary membership of Sydney Cricket Groundi.11 जनवरी 2019 को विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने क्रिकेट के खेल में उनके योगदान के लिए सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) की मानद सदस्यता प्राप्त की।
ii.उनके अलावा,एससीजी की मानद सदस्यता पाने वाले एकमात्र अन्य अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों में वेस्टइंडीज के प्रतिष्ठित ब्रेन लारा और भारत के सचिन तेंदुलकर हैं।

नियुक्तिया और इस्तीफे

निकोलस  मादुरो को दूसरी बार नए वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया:Maduro Sworn elected as new Venezuela President for 2nd Termi.11 जनवरी, 2019 को निकोलस मादुरो को नए 6 साल के कार्यकाल के लिए दुसरे कार्यकाल के लिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई।
ii.वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है और 2025 तक तेल कार्टेल ओपेक की अध्यक्षता करता है।
वेनेजुएला:
♦ राजधानी: काराकस।
♦ मुद्रा: वेनेजुएला बोलिवर।

एम नागेश्वर राव को नए सीबीआई प्रमुख के रूप में फिर से चुना गया:
i.11 जनवरी, 2019 को, अतिरिक्त निदेशक एम नागेश्वर राव ने निदेशक के रूप में केंद्रीय जांच ब्यूरो का कार्यभार संभाला।
ii.ओडिशा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी राव को 23 अक्टूबर को सरकार द्वारा अंतरिम निदेशक के रूप में प्रभार दिया गया।
iii.आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से दोबारा जुड़ने के बाद 48 घंटे के भीतर पद से हटा दिया गया था।
iv.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक चयन समिति द्वारा 2-1 के निर्णय के साथ यह निर्णय लिया गया।
सीबीआई:
♦ मुख्यालय: नई दिल्ली
♦ पूर्ण रूप: केंद्रीय जांच ब्यूरो

सु त्सेंग-चांग को ताइवान पीएम के रूप में नियुक्त किया गया:Su Tseng-chang appointed as Taiwan PMi.10 जनवरी 2019 को, ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने स्थानीय चुनावों में रूलिंग डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के नुकसान के बाद कैबिनेट फेरबदल के दौरान ताइवान के नए प्रधानमंत्री के रूप में 71 वर्षीय सु त्सेंग-चांग को नियुक्त किया।
ii.त्सेंग-चांग, ​​लाई चिंग-ते की जगह लेंगे जिन्होंने चुनाव में हार के बाद पद से इस्तीफा दिया।
iii.ताइवान की रूलिंग डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी विपक्षी कुओमिनतांग से हार गई।
ताइवान:
♦ राजधानी: ताइपे
♦ मुद्रा: न्यू ताइवान डॉलर

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

K2-288Bb नए ग्रह की खोज नासा टेलिस्कोप का उपयोग करके की गई::
i.7 जनवरी, 2019 को, वैज्ञानिकों ने नए ग्रह K2-288Bb की खोज की है, जो पृथ्वी के आकार का दोगुना है। इसकी खोज सिएटल, वाशिंगटन डीसी में आयोजित अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की 233 वीं बैठक में की गई थी। यह अनुमान लगाया गया है कि ग्रह की सतह पर तरल पानी मौजूद हो सकता है।
ii.नई दुनिया, जिसे के2-288बीबी के नाम से जाना जाता है, नेपच्यून के समान है। यह वृषभ नक्षत्र में 226 प्रकाश-वर्ष दूर है।
iii.इस ग्रह में मंद, शांत एम-प्रकार के सितारों की एक जोड़ी है, जो 5.1 बिलियन मील की दूरी पर हैं, शनि और सूर्य के बीच की दूरी का लगभग छह गुना है।
iv.दो तारों में सबसे चमकीला आधा सूरज जितना विशाल है, और दूसरा तारा सूरज के द्रव्यमान का एक तिहाई है। के2-288बीबी छोटे, डिमर स्टार की परिक्रमा करता है, हर 31.3 दिनों में एक पूर्ण कक्षा पूरी करता है।

इसरो द्वारा दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में पहला मानवयुक्त मिशन शुरू किया जाएगा:First manned mission to space by December 2021i.11 जनवरी, 2019 को, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवन ने घोषणा की हैं कि दिसंबर 2021 तक बाहरी अंतरिक्ष में पहला गगनयान मिशन शुरू किया जाएगा।
ii. गगनयान परियोजना के तहत, भारत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को सात दिनों के लिए बाहरी अंतरिक्ष में भेजने और उन्हें वापस लाने की योजना बना रहा है।
iii.2019 में, इस साल 332 लॉन्च की योजना है,इनमें से कुछ मिशनों का विवरण निम्नानुसार है:
-अप्रैल 2019 के मध्य में चंद्रयान -2 मिशन का शुभारंभ।
-जीसैट -20 सैटेलाइट को उच्च बैंडविड्थ कनेक्टिविटी के लिए सितंबर-अक्टूबर 2019 में लॉन्च किया जाएगा।
-इसरो 2023 तक शुक्र के लिए एक मिशन की कल्पना कर रहा है।
-इसरो टीवी चैनल को 3-4 महीने (मार्च से अप्रैल 2019) तक लॉन्च किया जाएगा।
-नए उद्यम शुरू करने में स्टार्ट-अप की मदद करने के लिए इसरो द्वारा देश भर में 6 ऊष्मायन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
-इसरो नैनो उपग्रह को विकसित करने के लिए इसरो में मेधावी छात्रों को आमंत्रित करेगा।
इसरो:
♦ मुख्यालय: बेंगलुरु।

खेल

दक्षिण अफ्रीका के ऑल राउंडर एल्बी मोर्कल ने क्रिकेट के सभी रूपों से संन्यास लिया:South Africa's All Rounder Albie Morkel retired from all forms of cricketi.10 जनवरी, 2019 को दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर एल्बी मोर्कल ने क्रिकेट के सभी रूपों से संन्यास ले लिया।
ii.उनका करियर लगभग 20 साल तक चला।
iii.उन्होंने 58 वनडे, 50 टी 20 आई और एक टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किया।

आईडब्ल्यूएफ के अध्यक्ष बीरेंद्र प्रसाद वैश्य टोक्यो ओलंपिक के लिए भारत के शेफ डे मिशन होंगे:
i.11 जनवरी, 2019 को, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अध्यक्ष बीरेंद्र प्रसाद बैश्य को टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए शेफ डी मिशन के रूप में नामित किया गया है। वैश्य भी भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्षों में से एक हैं।
ii.टोक्यो ओलंपिक 24 जुलाई से 9 अगस्त, 2020 तक शुरू हो रहा है, जिसमें 207 राष्ट्र भाग लेंगे। खेलों में 33 खेलों (50 फॉर्मेट) में 339 आयोजन होंगे।
iii.1964 में 56 साल पहले इसे आयोजित करने के बाद टोक्यो 2020 में दूसरी बार खेलों की मेजबानी करेगा।
iv.ओलंपिक के शुभंकर का नाम मिराईटोवा है। मिराईटोवा भविष्य और अनंत काल के लिए जापानी शब्दों का एक संयोजन है|
स्टेटिक जीके:
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष: थॉमस बाक

महत्वपूर्ण दिन

10 जनवरी, 2019 को 26 वें सेना वायु रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया:
i.10 जनवरी, 2019 को सेना वायु रक्षा वाहिनी या कोर्प्स ऑफ आर्मी एयर डिफेंस द्वारा 26 वें सेना वायु रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया।
ii.नई दिल्ली के इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया गया।
iii.कोर्प्स ऑफ आर्मी एयर डिफेंस भारतीय सेना की सबसे कम उम्र की सेना है।
कोर्प्स ऑफ आर्मी एयर डिफेंस:
♦ मुख्यालय: नई दिल्ली।
♦ आदर्श वाक्य: ‘आकाश शत्रुण जही’ (आकाश में दुश्मन को मार डालो)।

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