Current Affairs Hindi – May 9 2019

हैलो दोस्तों, www.affairscloud.com में आपका स्वागत है। हम यहां आपके लिए 9 मई ,2019 के महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स को विभिन्न अख़बारों जैसे द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स, पीआईबी, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, इंडियन एक्सप्रेस, बिजनेस स्टैंडर्ड,जागरण से चुन करके एक अनूठे रूप में पेश करते हैं। हमारे Current Affairs से आपको बैंकिंग, बीमा, यूपीएससी, एसएससी, सीएलएटी, रेलवे और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

Click here to Read Current Affairs Today in Hindi – 8 May 2019Current Affairs Today May 9 2019

INDIAN  AFFAIRS

निवेश और व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए तुर्की के उप विदेश मंत्री श्री सेदत ओनल ने भारत का दौरा किया:Mr Sedat Onali.भारत और तुर्की के बीच नियमित आदान-प्रदान के हिस्से के रूप में, तुर्की के विदेश मामलों के उप मंत्री, श्री सेदत ओनल 7 मई से 9 मई, 2019 तक भारत आए। श्री सेदत ओनल ने मई 2017 में पहले राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के प्रतिनिधिमंडल के भाग के रूप में भारत का दौरा किया था।
ii.भारत और तुर्की के बीच राजनीतिक आदान-प्रदान ने हमारे गहरे संबंधों को मजबूत किया है जो कई शताब्दियों से चलता आ रहा है, और सहयोग के लिए विभिन्न नए क्षेत्र खोले हैं।
iii.विदेश कार्यालय परामर्श के तंत्र के तहत, श्री ओनल ने यात्रा के एक भाग के रूप में नई दिल्ली में सचिव (पश्चिम) श्री गीतेश ए सरमा के साथ बैठक की।
iv.उन्होंने भारत और तुर्की के बीच द्विपक्षीय संबंधों, सांस्कृतिक संपर्क, पर्यटन और लोगों से लोगों के नेटवर्क के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और 2 राष्ट्रों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में सुधार के अवसरों का भी मूल्यांकन किया।
v.वर्तमान में, द्विपक्षीय व्यापार लगभग $ 8.6 बिलियन है और इसे 2020 तक 10 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

भारत और चीन ने चीन को भारतीय मिर्च मील के निर्यात करने के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए:
i.वाणिज्य सचिव अनूप वाधवान और चीन के सीमा शुल्क विभाग (जीएसीसी) के उप मंत्री ली गुओ की बैठक के बाद, भारत और चीन ने चीन को भारतीय मिर्च मील के निर्यात के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए।
ii.बैठक में दोनों गणमान्य लोगों ने कृषि उत्पादों के लंबित भारतीय अनुरोध के संबंध में व्यापार से संबंधित चुनौतियों पर चर्चा की, जिन्हें मंजूरी नहीं दी गई।
iii.वे एक अधिक संतुलित व्यापार की दृष्टि को प्राप्त करने के लिए बाजार के उपयोग के मुद्दों को काफी तेजी से हल करने के लिए सहमत हुए।
iv.व्यापार घाटे को कम करने के लिए (जो अप्रैल-फरवरी 2018-19 के दौरान 50.12 डॉलर बिलियन था), भारत अपने निर्मित और कृषि उत्पादों के लिए चीनी बाजार में बड़ी बाजार पहुंच की मांग कर रहा है। यही कारण है कि भारत ने चीन के साथ 380 उत्पादों की एक सूची साझा की है जिसमें बागवानी, वस्त्र, रसायन और दवा उत्पाद शामिल हैं।

भारत और चीन के बीच हस्ताक्षरित कृषि वस्तुओं की तालिका:

क्रमांक संख्यावस्तुहस्ताक्षर करने का वर्ष
1आम2003
2करेला11 अप्रैल, 2005
3अंगूर11 अप्रैल, 2005
4सफेद सरसों मील15 मई, 2015
5बासमती चावल21 नवंबर, 2006
6बासमती चावल और गैर-बासमती चावल9 जून, 2018
7मछली खाना / मछली का तेल28 नवंबर, 2018
8तम्बाकू के पत्ते21 जनवरी, 2019
9मिर्च मील9 मई, 2019

 

अक्षय तृतीया पर, गढ़वाल हिमालय, उत्तराखंड में चार धाम यात्रा गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के द्वार खोलने के साथ शुरू हुई:
i.अक्षय तृतीया के औपचारिक अवसर पर, गढ़वाल हिमालय, उत्तराखंड में चार धाम यात्रा उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के द्वार सुबह 11:30 बजे और 1:15 बजे खुलने के साथ शुरू हुई। प्रशासनिक सदस्यों, मंदिर समिति के अधिकारियों और हजारों भक्तों की मौजूदगी में वैदिक भजनों के उच्चारण के बीच द्वारो को खोला गया।
ii.इन प्रसिद्ध तीर्थस्थलों का खुलना चार धाम यात्रा की शुरुआत या ‘4 पवित्र स्थलों की यात्रा’ का प्रतीक है जो भारत से और बाहर से लाखों भक्तों को आकर्षित करता है।
iii.द्वार-उद्घाटन समारोह की शुरुआत से पहले, गंगा और यमुना (गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के देवता) की मूर्तियों को उनके शीतकालीन घरों से क्रमशः मुखबा और खरसाली से लाया गया था।
iv.चार धाम यात्रा पश्चिम में यमुनोत्री से शुरू होती है। इसके बाद गंगोत्री के लिए बढती है। गंगोत्री और यमुनोत्री उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित हैं। ‘यात्रा’ अंत में पूर्व में केदारनाथ और बद्रीनाथ में समाप्त होती है। केदारनाथ उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है, जबकि बद्रीनाथ राज्य के चमोली जिले में स्थित है।
v.हर साल उत्तराखंड में इन 4 मंदिरों के द्वार भारी बर्फबारी के कारण अक्टूबर-नवंबर में बंद हो जाते हैं। अप्रैल-मई में द्वारो को फिर से खोल दिया जाता है।
vi.चार धाम यात्रा स्थानीय लोगों की आजीविका के पीछे एक कारण बनती है और इस तरह से गढ़वाल हिमालय की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख हिस्सा बन जाती है।
उत्तराखंड के बारे में:
♦ राजधानी: देहरादून
♦ मुख्यमंत्री: त्रिवेंद्र सिंह रावत

INTERNATIONAL AFFAIRS

ऑस्ट्रेलियाई उड़ान वाहक, क्वांटास ने दुनिया की पहली शून्य-कचरा उड़ान का संचालन किया:Qantasi.हाल ही में, ऑस्ट्रेलियाई उड़ान वाहक, क्वांटास ने सिडनी से एडिलेड के लिए क्यूएफ739 नामक दुनिया की पहली शून्य अपशिष्ट (कचरा) वाणिज्यिक उड़ान संचालित की है, जो खाद, पुन: उपयोग या पुनर्चक्रण के माध्यम से सारे कचरे का निपटान करती है।
ii.इस एयरलाइन ने अधिक पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं के साथ 1000 से अधिक एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं को प्रतिस्थापित किया है, जिसने वाणिज्यिक उड़ान के दौरान एयरलाइन को शून्य-अपशिष्ट प्राप्त करने में मदद की है।
iii.ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन क्वांटास ने 2020 के अंत तक 100 मिलियन एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को खत्म करने की योजना बनाई है और 2021 के अंत तक एयरलाइन के 75% कचरे को कम करने की भी योजना है।
ऑस्ट्रेलिया के बारे में:
♦ राजधानी: कैनबरा
♦ मुद्रा: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर

BANKING & FINANCE

टालोसिटी येस बैंक के लिए टचलेस हायरिंग को सक्षम करेगा:
i.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एचआर सॉल्यूशन प्रोवाइडर, टालोसिटी यस बैंक को हायरिंग प्रक्रिया में अपनी टचलेस तकनीक प्रदान करेगा। यह निष्पक्ष एचआर परिणामों के साथ भर्ती प्रक्रिया को बढ़ाने और उच्च-गुणवत्ता की प्रतिभा को प्राप्त करने के लिए किया गया है।
ii.भर्ती की प्रक्रिया में, उम्मीदवारों का एक-तरफ़ा वीडियो प्लेटफॉर्म पर एआई बॉट द्वारा साक्षात्कार लिया जाता है। टालोसिटी की मशीन लर्निंग और एआई क्षमताएं प्रत्येक नौकरी आवेदक की व्यक्तित्व रिपोर्ट बनाएगी।
iii.यह एक अद्वितीय मूल्यांकन मंच बनाता है जो किसी भी मानवीय भागीदारी के बिना प्रभावी है और बड़ी मात्रा में हायरिंग करने में सहायक है।
टालोसिटी के बारे में:
♦ संस्थापक: केतन दीवान, दिलप्रीत सिंह, रजत सुनेजा
♦ शहर: दिल्ली एनसीआर
यस बैंक के बारे में:
♦ मुख्यालय: मुंबई
♦ सीईओ और एमडी: रवनीत गिल
♦ टैगलाइन: हमारे विशेषज्ञता का अनुभव करे

BUSINESS & ECONOMY

भारतपे ने व्यापारियों के लिए भारत का पहला यूपीआई बही खाता (डिजिटल लेजर) लॉन्च किया:
i.इंटरऑपरेबल यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड के माध्यम से भुगतान सक्षम करने की शुरुआत करने वाली भारत की पहली फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी), भारतपे ने एक नया ऐप ‘भारतपे फॉर मर्चेंट्स’ लॉन्च करते हुए व्यापारी सेवाओं में अपने उद्यम को अधिसूचित किया, जो व्यापारियों को उनके कैश / क्रेडिट (उधार) बिक्री ग्राहक का ट्रैक रखने की अनुमति देता है, ग्राहकों से एसएमएस (शोर्ट मेसेज सर्विस) भुगतान लिंक के माध्यम से या व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्य खातों का अनुरोध करने और आपूर्तिकर्ताओं को देय खातों को रिकॉर्ड करने की अनुमति देता है।
ii.हाल ही में लॉन्च किया गया ऐप व्यापारियों को नेटवर्क बनाने और उनके कारोबार को बढ़ाने के लिए उनके निकट अन्य भारतपे व्यापारियों के साथ सहयोग करने में भी मदद करता है।
iii.व्यापारियों के लिए भारतपे के ऐप की प्रमुख विशेषताएं हैं: यूपीआई खाता (लेजर), मैनेजिंग सप्लायर बिल्स, कैशबैक, सेटलमेंट्स और रेफर एंड अर्न
iv.इस पहल का मिशन छोटे और मझोले व्यापारियों की चिंताओं को हल करना था और उन्हें उनके व्यवसायों को डिजिटल रूप से संभालने के लिए पर्याप्त मंच प्रदान करना था।

AWARDS & RECOGNITIONS

नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया पर विश्व स्तर पर दूसरे सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेता हैं, ट्रम्प से भी आगे:Narendra Modi second most followed politiciani.7 मई 2019 को, डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म सेम्रुष ने बताया कि भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम सहित प्लेटफार्मों पर 110.9 मिलियन के कुल दर्शकों के साथ सोशल मीडिया पर दुनिया में सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेता हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 182.7 मिलियन अनुयायियों (फोलोर्स) के साथ पहले स्थान पर थे।
ii.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जिनके 96 मिलियन फोलोर्स हैं, अमेरिकी ऑनलाइन समाचार और सोशल नेटवर्किंग सर्विस, ट्विटर पर दूसरे सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेता हैं।
iii.मोदी के फेसबुक पर 43 मिलियन से अधिक, इंस्टाग्राम पर 20 मिलियन से अधिक और ट्विटर पर 47 मिलियन फोलोवेर्स है।
iv.कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी के सोशल मीडिया पर 12 मिलियन फोलोर्स है।

APPOINTMENTS & RESIGNS

पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज केएस राधाकृष्णन राष्ट्रमंडल सचिवालय पंचाट न्यायाधिकरण के सदस्य नियुक्त किए गए:KS Radhakrishnani.सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, केएस राधाकृष्णन को 4 साल की अवधि के लिए राष्ट्रमंडल सचिवालय पंचाट न्यायाधिकरण (सीसैट) के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने इससे पहले नवंबर 2009 से मई 2014 तक सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया था। उन्होंने गुजरात और जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी काम किया है।
ii.सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में जस्टिस राधाकृष्णन द्वारा निपटाए गए कुछ प्रसिद्ध मामलो में, भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) बनाम सहारा केस, 2014 में जल्लीकट्टू केस और नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (एनएएलएसए) केस जिसमें फैसला सुनाया गया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को तीसरे लिंग के रूप में पहचाना जाना चाहिए, शामिल है।
iii.जल्लीकट्टू मामले के उनके फैसले के कारण, जिसमें जस्टिस राधाकृष्णन ने तमिलनाडु में जल्लीकट्टू उत्सव पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया, उन्हें पीपल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) ने उन्हें ‘मैन ऑफ द ईयर’ नामित किया था।
स्टेटिक जीके:
सीसैट का मुख्यालय: लंदन

SCIENCE & TECHNOLOGY

डब्ल्यूएचओ ने 2023 तक दुनिया भर में खाद्य आपूर्ति से औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस वसा (आईटीएफए) को खत्म करने के लिए आईएफबीए के साथ भागीदारी की:WHO partnered with IFBAi.डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने 2023 तक दुनिया भर में खाद्य आपूर्ति से औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस वसा (आईटीएफए) को खत्म करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय खाद्य और पेय गठबंधन (आईएफबीए) के साथ सहयोग किया।
ii.ट्रांस वसा-सेवन से कोरोनरी हृदय रोग होता है, जिसके कारण विश्व स्तर पर हर साल 5,00,000 मौतें होती हैं।
iii.डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एधानोम घेब्येयियस ने आईएफबीए के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की, जिसमें आईएफबीए के साथ शामिल लगभग 12 कंपनियों के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) शामिल थे। बैठक में उन कदमों पर जोर दिया गया जो प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में औद्योगिक ट्रांस वसा, नमक, चीनी और संतृप्त वसा को कम करने के लिए उठाए जाने की आवश्यकता है।
iv.आईएफबीए के सदस्यों द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लिया गया कि 2023 तक उनके उत्पादों में औद्योगिक ट्रांस वसा की मात्रा 2 ग्राम आईटीएफए प्रति 100 ग्राम वसा/तेल से अधिक न हो। यह डब्ल्यूएचओ के रिप्लेस एक्शन पैकेज के मिशन के साथ संरेखित कदम है, जिसे 2018 में विकसित और लॉन्च किया गया।
v.बैठक में लेबलिंग, मार्केटिंग पर विनियामक कार्रवाई के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया, और इस उद्योग को डब्लूएचओ के स्तन दूध के विपणन के कोड का पूरी तरह से पालन करने के लिए कहा गया।

एफडीए ने पहले डेंगू वैक्सीन ‘डेंगवक्सिया’ को मंजूर किया:FDA approved Dengvaxiai.फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए), संयुक्त राज्य अमेरिका ने डेंगू रोग की रोकथाम के लिए डेंगवक्सिया नाम के पहले टीके को मंजूरी दे दी है लेकिन कुछ शर्तों के साथ कि केवल उन लोगों में डेंगू के टीके का उपयोग किया जाएगा जिन्हें पहले ये बीमारी हो चुकी है। वैक्सीन को सीवाईडी-टीडीवी के नाम से भी जाना जाता है और इसे कंपनी सनोफी पाश्चर द्वारा बनाया गया है। साल 2015 में इसे पास करने वाला मेक्सिको पहला देश था।
ii.वैक्सीन एक जीवित, डेंगू वायरस है। टीकाकरण के तहत, रोगी को 3 खुराक प्रदान की जाएगी। प्रत्येक खुराक के बीच 6 महीने का अंतर होगा।
यूएसए के बारे में:
♦ राजधानी: वाशिंगटन डी.सी., यूएस
♦ मुद्रा: संयुक्त राज्य अमेरिका डॉलर

‘इलेक्शनगार्ड’, एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर सुरक्षित मतदान के लिए माइक्रोसॉफ्ट द्वारा लांच किया गया:Election Guardi.माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सत्य नडेला ने “इलेक्शनगार्ड”, एक ओपन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (एसडीके) शुरू करने की घोषणा की है, जो राष्ट्रों को सुरक्षित और सत्यापित मतदान करने में मदद करेगा।
ii.गैलोज द्वारा विकसित, ‘इलेक्शनगार्ड’ पेपर बैलट का पूरक है।
iii.यह सत्यापन योग्य है क्योंकि यह मतदाताओं और तीसरे पक्ष के संगठनों को चुनाव परिणामों को सत्यापित करने की अनुमति देता है।
iv.’इलेक्शनगार्ड’ एक मतदाता को एक अद्वितीय कोड प्रदान करता है। मतदान की प्रक्रिया के दौरान, मतदाताओं के पास एक वैकल्पिक कदम होता है जो उन्हें वोट करने के उस क्षण से अपने वोट को ट्रैक करने की अनुमति देता है, और वह मतदाता द्वारा सत्यापित किया जा सकता है कि मतों की गिनती के अंतिम चरण के लिए चयन सही हैं या नहीं।
v.यह वोट-बाय-मेल सिस्टम के साथ काम नहीं करता है और इंटरनेट वोटिंग योजनाओं के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है क्योंकि इसे आसानी से हैक किया जा सकता है।
vi.सुरक्षा के संदर्भ में, ‘इलेक्शनगार्ड’ होमोमोर्फिक एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है जो गणितीय प्रक्रियाओं को सक्षम करता है।
माइक्रोसॉफ्ट के बारे में:
♦ मुख्यालय: रेडमंड, वाशिंगटन, संयुक्त राज्य
♦ गठन: 4 अप्रैल, 1975
♦ संस्थापक: बिल गेट्स और पॉल एलन
♦ सीईओ: सत्य नडेला

प्रायोगिक उपकरण ने पहली बार ब्रह्मांड की ठंडक से बिजली उत्पन्न की:
i.स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों, शांहुई फैन ने मसाशी ओनो के साथ पहली बार यह प्रदर्शित किया कि ब्रह्मांड की ठंडक से इंफ्रारेड फोटोडायोड में बिजली की एक औसत दर्जे की मात्रा का उत्पादन संभव है। इंफ्रारेड सेमीकंडक्टर अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच के तापमान का उपयोग बिजली का उत्पादन करने के लिए करता है। इस अध्ययन को एप्लाइड फिजिक्स लेटर्स नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया था।
ii.नए उपकरण ने प्रति वर्ग मीटर लगभग 64 नैनोवाट्स उत्पन्न किए हैं।
iii.सैद्धांतिक गणना के अनुसार, डिवाइस लगभग 4 वाट प्रति वर्ग मीटर उत्पन्न कर सकता है, लगभग एक मिलियन बार जो व्यावहारिक रूप से उत्पन्न होता है।
iv.नई तकनीक में, नकारात्मक रोशनी प्रभाव से विद्युत ऊर्जा को जमा किया जा सकता है जैसे ही ऊष्मा एक सतह को छोड़ती है।
v.यह रात में इलेक्ट्रॉनिक्स को ऊर्जा दे सकता है।
सौर पैनल के बारे में:
♦ सौर पैनल प्रति वर्ग मीटर 100 से 200 वाट उत्पन्न कर सकते हैं।
♦ सौर पैनल को बिजली उत्पन्न करने के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है।
♦ गैर-समान रोशनी प्रभाव सौर कोशिकाओं की समग्र विद्युत दक्षता को प्रभावित करता है।
बिजली के बारे में:
♦ 1752 में आविष्कार
♦ आविष्कारक: बेंजामिन फ्रैंकलिन
♦ बिजली के पिता: विलियम गिल्बर्ट

आनुवंशिक रूप से संशोधित वायरस से पहली बार एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमण का इलाज किया गया:
i.पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने पहली बार एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमण से लड़ने वाले एक मरीज का इलाज करने के लिए आनुवंशिक रूप से संशोधित वायरस का उपयोग किया है। यह जर्नल नेचर मेडिसिन में 8 मई 2019 को प्रकाशित किया गया था।
ii.इंग्लैंड की 17 वर्षीय, इसाबेल कार्नेल-होल्डवे को सिस्टिक फाइब्रोसिस रोग हो गया था, जब वह 11 महीने की थी। फेफड़े के प्रत्यारोपण के बाद इसाबेल को 15 साल की उम्र में जानलेवा संक्रमण हो गया था।
iii.शोध का नेतृत्व जैविक विज्ञान के एक प्रोफेसर ग्राहम हाटफोल ने किया, जो कि यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग, पेंसिल्वेनिया, संयुक्त राज्य अमेरिका में फेज अनुसंधान विशेषज्ञ हैं।

ENVIRONMENT

पहली बार गिंगी के पास भूरी विशाल गिलहरी के 300 से अधिक घोंसलों को देखा गया:
i.स्वदेशी जैव विविधता फाउंडेशन (आईबीएफ) के शोधकर्ताओं और वन्यजीव कार्यकर्ताओं की एक टीम ने तमिलनाडु के पूर्वी घाट के पास पक्कामलाई रिजर्व फॉरेस्ट में एक भूरे विशालकाय गिलहरीयों के 363 घोंसले देखे हैं। इसका वैज्ञानिक नाम रतुफामक्रौरा है। शोध का नेतृत्व आईबीएफ के एक प्रकृतिवादी के.रमन ने किया था।
ii.यह लुप्तप्राय प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची  में सूचीबद्ध है।
iii.यह भी आवास हानि और अवैध शिकार के कारण इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) रेड लिस्ट के खतरे के रूप में वर्गीकृत की गई है और सीआईटीईएस की अनुसूची II के तहत सूचीबद्ध की गई है।
iv.यह आमतौर पर दक्षिणी भारत में पश्चिमी घाटों में घोंसला बनाने के लिए जानी जाती है, जो केरल में चिनार वन्यजीव अभयारण्य से लेकर तमिलनाडु में अनामलाई टाइगर रिजर्व और पलानी पहाड़ियों तक है।
पश्चिमी घाट के बारे में:
♦ उच्चतम बिंदु: अनामुडी
♦ दर्रा: पलक्कड़ गैप, नानेघाट, थलघाट, तम्हिनिघाट
पूर्वी घाट के बारे में:
♦ उच्चतम बिंदु: जिंदगादा चोटी
♦ बस्तियाँ: विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा, तिरुपति

डब्ल्यूएचओ ने सड़क दुर्घटनाओं के कारण 1.35 मिलियन से अधिक लोगों की मौत की सूचना दी:
i.विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ‘सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट’ के अनुसार, जो चल रहे ‘सेफ्टी वीक’ के दौरान प्रकाशित हुई है, में पता चला है कि 5-29 आयु वर्ग में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर साल 1.35 मिलियन से अधिक लोगों की मृत्यु हुई और लगभग 50 मिलियन लोग सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायल हुए। 2008 के बाद से, भारत में दुनिया भर में सड़क दुर्घटना के कारण सबसे अधिक मौतें हुई हैं
ii.भारत ने 2015 में सड़क सुरक्षा पर ब्रासीलिया घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं और भारत ने 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों की संख्या को घटाकर आधा करने का दावा किया है।
iii.भारत सरकार के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के कारण लगभग 1.5 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई लेकिन डब्ल्यूएचओ ने अनुमान लगाया कि लगभग 2.99 लाख लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं के कारण अपनी जान गंवाई।
डब्ल्यूएचओ बारे में:
♦ मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
♦ महानिदेशक: डॉ टेड्रोस एधानोम

SPORTS

क्रिकेट विश्व कप 2019 में अफगानिस्तान को प्रायोजित करेगा अमूल:Amul to sponsor Afghanistan in Cricket World Cupi.अमूल ने आगामी विश्व कप 2019 में अफगानिस्तान टीम को प्रायोजित करने की घोषणा की है जो 30 मई, 2019 से इंग्लैंड और वेल्स में आयोजित किया जाएगा। अमूल का लोगो अफगानिस्तान के खिलाड़ियों की जर्सी पर विश्व कप के अंतरराष्ट्रीय मैच में और प्रशिक्षण किट पर भी दिखाई देगा।
ii.इससे पहले केवल दो उदाहरणों में, अमूल ने विश्व कप टूर्नामेंट में किसी भी क्रिकेट टीम को प्रायोजित किया था। ये दो देश हैं न्यूजीलैंड और हॉलैंड।
अफगानिस्तान के बारे में:
♦ राजधानी: काबुल
♦ मुद्रा: अफगान अफघानी
अमूल के बारे में:
♦ मुख्यालय: आनंद, गुजरात
♦ सीईओ: आर एस सोढ़ी

OBITUARY

विख्यात सिख इतिहासकार और विभाजन के पहले क्रॉनिकलर कृपाल सिंह का 95 वर्ष की उम्र में चंडीगढ़ में निधन हो गया:Kirpal Singhi.भारत के विभाजन के पहले क्रॉनिकलर (कालक्रम से अभिलेखन करनेवाला) और सिख इतिहासकार कृपाल सिंह का एक बीमारी के बाद चंडीगढ़ में उनके घर पर निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। वह पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में पंजाब ऐतिहासिक अध्ययन विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे।
ii.पिछले साल, पंजाब सरकार ने उन्हें पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं की पाठ्यपुस्तकों में सिख इतिहास की गलतियों और विकृतियों को देखने के लिए विशेषज्ञ प्रवासी समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था।
iii.वह 1973 में पंजाबी विश्वविद्यालय में ओरल हिस्ट्री सेल के संस्थापक थे।
iv.विद्वान द्वारा लिखी गई कुछ पुस्तकें: ‘जनमसाखी परंपरा: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन’, ‘सिख गुरुओं पर परिप्रेक्ष्य’, ‘सिख और सत्ता का हस्तांतरण’ और ‘पंजाब से संबंधित हार्डिंग पेपर्स’ हैं।
v.सिख इतिहास में उनके उत्कृष्ट योगदान को स्वीकार करते हुए, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने उन्हें 2014 में ‘सिख धर्म के राष्ट्रीय प्रोफेसर’ की उपाधि दी थी।
पंजाब के बारे में:
♦ राजधानी: चंडीगढ़
♦ मुख्यमंत्री: कैप्टन अमरिंदर सिंह
♦ राज्यपाल: वी.पी. सिंह बदनोर

IMPORTANT DAYS

8 मई को स्मरण और पुनर्मिलन दिवस के रूप में मनाया गया और 9 मई को द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 74 वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया:
8 मई को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपनी जान गंवाने वालों के लिए स्मरण और पुनर्मिलन दिवस के रूप में मनाया गया जो 1945 में समाप्त हुआ। 9 मई, 2019 को द्वितीय विश्व युद्ध में यूरोप में नाज़ीवाद के ऊपर जीत की 74 वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया। इन दिनों को 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा नामित किया गया था।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के बारे में:
♦ मुख्यालय: न्यूयॉर्क शहर, यूएस
♦ अध्यक्ष: मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा

भारतीय सेना युद्ध के मृतक के अगले वंशज तक पहुंचने के लिए ‘2019’ को ‘ईयर ऑफ़ नेक्स्ट किन’ के रूप में मना रही है:
i.भारतीय सेना ‘2019’ को ‘ईयर ऑफ़ नेक्स्ट किन’ के रूप में मना रही है।
ii.इस स्मरणोत्सव के एक भाग के रूप में, सेना ने युद्ध के मृत, पूर्व सैनिकों और सेवारत सैनिकों के अगले वंशज तक पहुंचने के लिए उनकी पेंशन संबंधी मुद्दों को हल करने और उन्हें उनके हकदार वित्तीय लाभों, कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताने की योजना बनाई है।
iii.जनवरी में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना 2019 को ‘ईयर ऑफ़ नेक्स्ट किन’ के रूप में मनाएगी। पिछले साल, विकलांग सैनिकों पर ध्यान दिया गया था, जबकि इस साल मृत सैनिकों के परिजनों पर ध्यान दिया जा रहा है।
iv.इस मुद्दे को महत्व मिला है क्योंकि दिवंगत सैनिकों के परिजनों में से अधिकांश अपने वित्तीय लाभों से अनजान थे।
v.भारतीय सेना ने कहा है कि गैर-डिजिटाइज़ किए गए व्यक्तिगत रिकॉर्ड और विभिन्न नीतिगत प्रावधानों से जटिलताओं और उनकी बहुपक्षीय व्याख्याओं के कारण भी मुद्दा बिगड़ गया है।
vi.सेना इस यात्रा को शुरू करने के लिए रक्षा मंत्रालय, नेपाल दूतावास, सैनिक बोर्ड, बैंकों और कल्याण एजेंसियों जैसे पूर्व-सैनिक योगदानकर्ता स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) की मदद लेगी।
vii.नोडल एजेंसी भारतीय सेना पूर्व सैनिक निदेशालय होगा।
vii.औसतन, हर साल सेना लड़ाई मृतको की संख्या 150 से 200 और शारीरिक घायलो की संख्या 1,000 से 1,200 होती है, इस प्रकार प्रत्येक वर्ष परिजनों की देखभाल करने की संख्या 1,100 से 1,400 हो जाती हैं।
भारतीय सेना ने इस समूह को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है:
-पहले सैनिक हैं जो 2000 के बाद सेवानिवृत्त हुए
-अगली श्रेणी 1970 और 2000 के बीच सेवानिवृत्त हैं
-अगली श्रेणी में 1970 से पहले के सेवानिवृत्त लोग शामिल हैं

टैगोर की 158 वीं जयंती 9 मई, 2019 को मनाई गई:
i.9 मई, 2019 को एशिया के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता और भारत के राष्ट्रगान के संगीतकार रवीन्द्र नाथ टैगोर की 158 वीं जयंती मनाई गई। इस दिन को ‘रवीन्द्र जयंती’ भी कहा जाता है जो उनकी जयंती का प्रतीक है।
ii.पश्चिम बंगाल के जोरसांको ठाकुरबारी में प्रसिद्ध कवि को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए टैगोर की जन्मस्थली पर एक साथ लोग जमा हुए और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
iii.पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कोलकाता में एक विशेष संगीत कार्यक्रम आयोजित किया था।
iv.रवींद्रनाथ टैगोर को ‘गीतांजलि’ में उनकी कविताओं के प्रशंसित संग्रह के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला।
v.टैगोर ने बांग्लादेश के लिए भी, ‘अमर सोनार बांग्ला’ राष्ट्रगान की रचना की।
vi.टैगोर ने बंगाली साहित्यिक कार्य, संगीत को फिर से आकार दिया और शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय भी शुरू किया। टैगोर की जयंती को ‘पोचिष बोइशाख’ के नाम से भी जाना जाता है।

5 वां संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह 6 से 12 मई तक मनाया जाएगा:United Nations Global Road Safety Weeki.दो साल में एक बार मनाया जाने वाला, 5 वां संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल सड़क सुरक्षा सप्ताह 6 मई से 12 मई, 2019 तक मनाया जा रहा है। यह इस बात पर जोर देता है कि हर कोई सड़क सुरक्षा के लिए अग्रणी हो सकता है। इस वर्ष के साप्ताहिक कार्यक्रम की थीम ‘सड़क सुरक्षा के लिए नेतृत्व’ है।
ii.यह स्वीकार किया जाता है कि दुनिया भर के देशों में अग्रिम सड़क सुरक्षा का निर्माण करने के लिए मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है और यह सड़क सुरक्षा लक्ष्यों जैसे सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) लक्ष्य 3.6 जो 2020 तक सड़क यातायात से होने वाली मौतों और चोटों को 50% तक कम करने के लिए और 2030 तक सभी के लिए सुरक्षित, सस्ती, सुलभ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली तक पहुंच प्रदान करने के लिए एसडीजी 11.2 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरक शक्ति है।
iii.इसने मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करके वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक अभियान ‘सेव लाइव्स – #स्पीकअप’ शुरू किया है। यह ‘सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई के दशक 2011-2020’ के दर्शन पर चलता है।
iv.डब्ल्यूएचओ ने दिसंबर 2018 में सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट 2018 नाम से एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि वार्षिक सड़क यातायात मौतों की संख्या 1.35 मिलियन तक पहुंच गई है। सड़क यातायात की चोटें 5-29 वर्ष की आयु के लोगों की हत्या का प्रमुख कारण है।
अतिरिक्त जानकारी:
इससे पहले 2007, 2013, 2015 और 2017 में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया गया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के बारे में:
♦ मूल संगठन: संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद
♦ गठन: 7 अप्रैल, 1948
♦ मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
♦ महानिदेशक: डॉ टेड्रोस एधानोम घेब्येयियस